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श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी द्वारा सभी सेवा प्रकल्प जन सहयोग से संचालित किये जाते हैं | जन हित में आपके हर प्रकार के आर्थिक एवं सुझाव का कमेटी सदैव स्वागत व् सम्मान करती हैं |
इसके हेतु कमेटी के अध्यक्ष / महामंत्री / कोषाध्यक्ष अथवा हेल्पलाइन नंबर 9319809451 पर संपर्क किया जा सकता हैं |
कमेटी को दिए गए आर्थिक सहयोग पर भारत सरकार द्वारा आयकर अधिनियम 80 G के अंतर्गत छूट प्रदत हैं |

श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी

" सर्व भूताहिते रताः " ।।।। पुराणों की इस सूक्ति को कर्म सूत्र बनाकर विगत 131 वर्षों से मानवता की सेवा में संलग्न श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी ने सेवा के क्षेत्र में ऐसे आयाम प्रस्तुत किये हैं की आज आगरा केवल "ताज" का ही नगर नहीं , सेवा के नगर के रूप ने भी जाना जाता है।

अपने सेवा प्रकल्पों के माध्यम से श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी आगरा के प्रत्येक नागरिक के जीवन का अभिन्न अंग बन चुकी है। आज आगरा नगर में कमेटी की सेवाओं के बिना सहज जीवन की कल्पना मुश्किल है।

श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी की स्थापना सन 1885 में मानव सेवा के उद्द्येश्यों से की गयी थी। ऐतिहासिक तथ्यों की खोज करने पर कमेटी के मुख्य कार्यालय खालसा गली व् राम स्वरुप गर्ल्स इंटर कॉलेज के प्राइमरी विभाग की 120 वर्ष पुरानी अरबी भाषा में लिखी गयी रजिस्ट्री में 12 महानुभावों के नामों का उल्लेख मिला है जिनका कमेटी की स्थापना में मुख्य योगदान रहा। उनके नाम निम्नवत है :
१. श्री मंगल सेन पुत्र श्री लाला राम
२. लाला श्री मक्ख़न लाल पुत्र लाला श्री नाथूराम
३. बाबू श्री बजरंग प्रसाद पुत्र बाबू श्री गंगा प्रसाद
४. लाला श्री अयोध्या प्रसाद पुत्र श्री दुर्गा दास
५. लाला श्री चंद मल पुत्र लाला श्री लल्लो मल
६. लाला श्री नन्नू मल पुत्र लाला श्री गंगा प्रसाद
७. श्री चंदनलाल पुत्र लाला श्री कल्याण मल
८. सेठ श्री बाबू लाल पुत्र लाला श्री शंकर लाल
९. लाला श्री चुन्नी लाल पुत्र श्री शिवधर
१०. लाला श्री गोपीनाथ पुत्र लाला श्री मूंगा मल
११. लाला श्री नानकी लाल पुत्र लाला श्री बद्री प्रसाद
१२. लाला श्री जमुना दास पुत्र लाला श्री अयोध्या प्रसाद

कमेटी की स्थापना सर्वप्रथम असहाय एवं गरीब लोगों के लिए "भोजन सेवा" के साथ हुयी थी। आज भी कमेटी के दोनों कार्यालयों पर प्रतिदिन यह सेवा चलती है। खालसा गली , रावतपाड़ा कार्यालय पर यह भोजन सेवा कमेटी की स्थापना से लेकर आज 131 वर्षों तक बिना किसी नागा किये अनवरत चल रही है। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है।

कमेटी द्वारा लगभग 100 वर्ष पूर्व आयुर्वेदिक औषधालय की स्थापना की गयी थी। जिसमे कुशल चिकित्सीय परामर्श के साथ नाम मात्रा की लागत पर मरीजों को आयुर्वेदिक दवाइयां दी जाती है।

लगभग इसी समय कमेटी ने " वारदाना - बर्तन सेवा प्रकल्प " शुरू किया। आज कमेटी के पास लगभग 1000 बर्तनों का स्टॉक है और आगरा मंडल ही नहीं संपूर्ण प्रदेश में आयोजित किसी भी धार्मिक व् सामाजिक कार्य हेतु वारदाने की पूर्ती कमेटी करती है।

लागत मूल्य पर दाह संस्कार सामिग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की सेवा से श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी को एक विशिष्ट पहचान मिली। साथ ही सेवा के एक नए क्षेत्र की शुरुआत हुयी। आगरा नगर में किसी भी घर में मृत्यु होने पर अपने परिजनों से पहले श्री क्षेत्र बजाजाा कमेटी को याद करते है।

परिजनों के आने तक शव को सुरक्षित रखने हेतु " AC ताबूत " की आवश्यकता होती है, जो कमेटी उपलब्ध कराती है। संपूर्ण भारत में यह सेवा चेन्नई के बाद आगरा में आज से दस वर्ष पूर्व 2006 में आरम्भ हुयी थी। आगरा ही एकमात्र ऐसा नगर है जहाँ प्रत्येक समाज की रीति रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार की सभी सामिग्री लागत मूल्य पर एक ही स्थान पर मिल जाती है। यह सेवा लगभग 100 वर्षों से संचालित है। कमेटी अंतिम संस्कार हेतु लागत मूल्य पर " लकड़ी" भी उपलब्ध कराती है। आगरा जैसे बड़े नगर में इतनी प्रचुर मात्रा में लकड़ी की व्यवस्था करना। ... वह भी बाजार मूल्य से बहुत ही काम कीमत पर......, यह कमेटी के ही बस की बात है। यह सेवा भी लगभग 100 वर्षों से संचालित है।

कमेटी के कार्यकर्ता निःस्वार्थ भाव से बिना किसी नाम व् यश की लालसा के सेवा भाव से कार्य करते है, यही कारण है कि श्री क्षेत्र बजाजाा कमेटी आगरा के सेवा भावी संगठनों के लिए प्रेरणा का एक अतुल्य स्रोत बना हुआ है। आज कमेटी के पास विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से प्राप्त 12 शव वाहन है जो निरंतर शहर की सेवा में संलग्न है। किसी वाहन या वस्तु को एक बार बनवाकर दान करना तो सहज है , किन्तु उस साधन को व्यवस्थित रूप से निरंतर संचालित करना , उसका उचित रख रखाव करना दुष्कर कार्य है। कमेटी विगत 25 वर्षों से इस सेवा कार्य का सञ्चालन कर रही है।

एक और जहाँ NGO कहलायें जाने वाले कई संगठन सरकारी अनुदान से संचालित होते है वहीँ श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी एकमात्र ऐसी संस्था है जो किसी भी प्रकार के सरकारी अनुदान के बिना आम जनता के सहयोग से विभिन्न सरकारी व्यवस्थाओं में सहयोग करती है। जिसमे " विघुत शवदाह गृह " का सञ्चालन प्रमुख है। 1995 - 1996 में प्रदेश में बने 12 विघुत शवदाह गृह प्रायः बंद हो चुके है। तब आगरा तत्कालीन मंडलायुक्त महोदय ने दूरगामी निर्णय लेकर आगरा के विघुत शवदाह गृह का सञ्चालन आग्रह पूर्वक कमेटी को सौंपा। आज कमेटी के प्रयासों से यह न सिर्फ अनवरत संचालित है वरन इसकी स्वीकार्यता भी बहुत तेजी से बढ़ी है। 1 जनवरी 2016 से माननीय सर्वोच्च न्यायलय की भावना के अनुरूप विघुत शवदाह गृह पर अंतिम संस्कार निःशुल्क किया जा रहा है।

नगर के जीर्ण शीर्ण पड़े " पोस्टमार्टम हाउस " की दुर्दशा पर एस. एन. मेडिकल कॉलेज प्रशासन के आग्रह पर कमेटी ने नगर की जनता के सहयोग से आधुनिक पोस्टमार्टम गृह का निर्माण कराया जिसे उत्तर प्रदेश सरकार ने रोल मॉडल मानते हुए अन्य जिलों हेतु प्रस्तावित किया। 2006 में इसके निर्माण से लेकर आज तक भवन का रखरखाव भी कमेटी द्वारा किया जा रहा है।

2004 में कमेटी ने " आकस्मिक दुर्घटना वाहन सेवा " शुरू की। दुर्घटना में घायल हुए व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिलने पर उनकी प्राण रक्षा की जा सकती है। विगत12 वर्षों में यह वाहन हजारों लोगों की प्राण रक्षा कर चुका है। कमेटी यह वाहन पुलिस विभाग एम्बुलेंस के रूप में विभाग के पास आयी दुर्घटना की सूचना पर भी कार्य करता है।

प्रशासनिक कार्यों में सहयोग के रूप में कमेटी पुलिस विभाग को प्राप्त अज्ञात शवों का दाह संस्कार निःशुल्क करती है। कमेटी द्वारा यह सेवा विगत 60 वर्षों से संचालित है। कमेटी इन अज्ञात शवों के अस्थि फूलों को पहचान होने पर मृतक के परिजनों को उपलब्ध कराती है और एक निश्चित समय बाद पूरे धार्मिक विधि विधान से उनका गंगा में विसर्जन करती है। वर्तमान युग में जहाँ अपने भी पराये हो रहे है वहां कमेटी के कार्यकर्ता अनजानों के लिए अपनापन लेकर जी जान से जुटे है।

आज नगर में एक धारणा है की किसी भी सेवा कार्य से यदि श्री क्षेत्र बजाजाा कमेटी जुड़ गया तो वह निश्चित ही सफल होगा। सन 2007 में कमेटी ने डॉ. एन. एल. पटनी के डायलिसिस सेण्टर का आधुनिकीकरण कर से आरम्भ किया। आज वह प्रदेश का सर्वाधिक डायलिसिस करने वाला सेण्टर बन चुका है। वर्ष 2012 में कमेटी ने आगरा के सबसे पुराने व बंद प्रायः चेरिटेबल आई हॉस्पिटल " आगरा बुलियन चैरिटेबल आई हॉस्पिटल " को पुनः आरम्भ किया जो आज मोतियाबिंद आपरेशन के क्षेत्र में नित नए आयाम प्रस्तुत कर रहा है।

इनके साथ ही कमेटी की ऑक्सीजन गैस सिलेंडर सेवा , मरीजों वाले पलंग, व्हील चेयर व् वॉकर सेवा मरीजों को घर पर ही अस्पताल वाली सेवाएं उपलब्ध करा रही है।

इन् सेवा प्रकल्पों दे साथ साथ कमेटी ने " नेत्रदान - देहदान अभियान " के माध्यम से विगत 10 वर्षों में बड़ी संख्या में नेत्र दान एवं देहदान एस एन मेडिकल कॉलेज में कराये है।

सही मायनों में कमेटी अपने सेवा कार्यों के साथ एक मशहूर स्लोगन " जीवन के साथ भी , जीवन के बाद भी " को चरितार्थ कर रही है।